तारापीठ में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद
August 22, 2019 • Bishan Gupta

रिपोर्ट- तारकेश्वर राय

51 शक्तिपीठ में से एक है वीरभूम का तरापीठ मन्दिर, कौशिकी अमावस्या को होती है विशेष पूजा

 

 

 

पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले मे स्थित है तारापीठ। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां सती मां का नयन गिरा था और यह एक शक्तिपीठ बन गयी। तारा का अर्थ है नयन और पीठ का अर्थ है स्थल। इस मन्दिर की महिमा के चलते दूर-दूर से लोगों का यहां आना लगा रहता है। कहते हैं कि मुनि वशिष्ठ ने मां की कठिन तपस्या करके यहां मन्दिर बनवाया था, लेकिन समय के चलते वो प्राचीन मन्दिर मिट गया। अभी जो मन्दिर है, उसे जयव्रत नाम के मां के एक व्यवसायी भक्त ने बनवाया था। यह मन्दिर शमशान घाट के पास स्थित है। इस घाट को महाशमशान घाट के नाम से जाना जाता है। अचरज की बात सह है कि इस महाश्मशान घाट में जलती चिताकी आग कभी नही बुझती है। तारापीठ मन्दिर के चारों ओर द्वारका नदी बहती है। एक मान्यता यह भी है कि बामाखेपा नाम के मां के एक भक्त ने मा की कठिन साधना करके कौशिकी आमावस्या के दिन सिद्धि प्राप्त की थी। इसलिए कौशिकी अमावस्या के दिन तारापीठ मन्दिर में भक्तो के साथ ही तंत्र साधना करने वालों, अघोरियों की भी भारी भीड़ रहती है।

पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के तारापीठ मन्दिर में वैसे तो पूरे साल भक्तों की भीड़ जुटी रहती है, लेकिन कौशिकी अमावस्या के दिन यहां लाखों लोग माता के दरबार में अपनी मुरादें लेकर आते हैं  .। कहा जाता है कि इस दिन माता अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करती हैं इसलिए ना केवल पश्चिम बंगाल बल्कि दूसरे राज्यों के भी बड़ी संख्या में लोग तारा माता के दर्शन के लिए तरापीठ आते हैं। कौशिकी अमवस्या के दिन भक्तों की उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इन्तजाम किये गये हैं ।वीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह का कहना है, मन्दिर परिसर के आसपास के क्षेत्र में ड्रोन से नजर रखी जा रही है। मन्दिर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। मन्दिर के चारों ओर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही मन्दिर और आसपास के क्षेत्र में सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है। स्थानीय होटलों पर विशेष निगरानी की जा रही है। यहां ठहरने वाले लोगों के डॉक्यूमेंट्स चैक किये जा रहे हैं । होटल मालिकों को भी सख्त हिदायत दी गयी है कि वो सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता ना करें । इसके अलावा किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए 24 घंटे की हैल्पलाइन सेवा शुरू की गयी है। इस पर कोई भी व्यक्ति सूचना दे सकता है, मदद मांग सकता है ।इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा रामपुरहाट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ़ और जीआरपी के जवानों की तैनाती की गयी है। कौशिकी अमावस्या के दिन भक्तों की भीड़ को देखते हुए किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले, इसको लेकर पुलिस काफ़ी सचेत है। वीरभूम पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह की अध्यक्षता में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्थानीय नेताओं, शमशान कमेटी, होटल मालिकों के साथ कई समन्वय बैठके हो चुकी हैं । सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्र में जगह जगह वॉच टॉवर बनाये गये हैं। क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात रहेगी ।तारापीठ मन्दिर कमेटी के अध्यक्ष तारामय मुखर्जी ने बताया कि कौशिकी अमावस्या की पूजा 29 अगस्त को लगेगी और अगले दिन तक चलेगी ।यहां आने वाले भक्तों के लिए मन्दिर कमेटी की ओर से सुरक्षा के साथ ही सभी जरूरी प्रबंध किये गये हैं। आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस के साथ ही मेडिकल टीम को ड्यूटी पर लगाया गया है ।अक्सर ऐसा देखा गया है कि इस मौके पर यहां आने वाले भक्तों से ऑटो और दूसरे वाहन चालक मनमाना किराया वसूलते है। इसके मद्देनजर ऑटो, बस और दूसरे वाहन चालकों के साथ मीटिंग की गयी है। होटल मालिकों से भी मीटिंग करके कहा गया है कि वो अपने यहां ठहरने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ ही उनसे मनमाना किराया ना वसूलें। 

मलय घटक, मंत्री पश्चिम बंगाल सरकार

सरकार की कोशिश है कि इस मौके पर हर साल की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन हो सके। इसके लिए प्रशासन लगातार सभी के साथ बैठक कर रहा है । एसपी और डीएम स्वयं पूरी व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। हमारी सरकार बनने के बाद से सभी धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

श्याम सिंह, पुलिस अधीक्षक, वीरभूम 

मन्दिर परिसर के आसपास के क्षेत्र में ड्रोन से नजर रखी जा रही है । मन्दिर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं मन्दिर के चारों ओर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही मन्दिर और आसपास के क्षेत्र में सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है

तारामय मुखर्जी, अध्यक्ष, तारापीठ मन्दिर कमेटी कौशिकी 

कौशिकी अमावस्या 29 अगस्त को लगेगी और अगले दिन तक रहेगी । यहां आने वाले भक्तों के लिए मन्दिर कमेटी की ओर से सुरक्षा के साथ ही सभी जरूरी प्रबंध किये गये हैंआपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस के साथ ही मेडिकल टीम को ड्यूटी पर लगाया गया है

अंचितो भट्टाचार्य,तरापीठ मन्दिर के महंत 

29 अगस्त को कौशिकी अमावस्या की विशेष पूजा होगी।ऐसी मान्यता है कि इस दिन मां अपने भक्तों की मुराद जरूर पूरी करती हैं। इसलिए इस दिन मां के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। प्रशासन का पूरा सहयोग रहता है

रमन उपाध्याय, श्रद्धालु 

 मां तारापीठ के मन्दिर को सुन्दर, सुसज्जित तरीके से सजाया गया है। इसकी भव्यता देखते ही बनती है। यहां प्रशासन की व्यवस्था काफ़ी अच्छी है। उम्मीद है कि यहां आये सभी भक्तों को मां के दर्शन और आशीर्वाद मिलेगा