दहेज की बलि
September 19, 2018 • Bishan Gupta

 

चाहें हम कितनी भी तरक्की और अधुनिकता का दम भरें, लेकिन हमारे समाज में आज भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जिसकी मानसिकता रूढ़िवादी है और वो परम्परा के नाम पर ऐसी कुरूतियों को ढोने पर आमादा हैं, जो समाज पर कलंक हैं। उन्हीं में से एक है दहेज, जिसका चलन आज भी देश के एक बड़े भूभाग में है और इसके चलते रोज़ ना जाने कितनी बहन बेटियां काल के मुंह में समा रही हैं। इसका ताजा उदाहरण सामने आया है, पश्चिम बंगाल में, जहां एक युवती को उसके ससुरालवालों ने केवल इसलिए मौत की नींद सुला दिया, क्योंकि उसके मायकेवाले अपने दामाद की दहेज की मांगों को पूरा नहीं कर पाये। आसनसोल के हीरापुर थाने के महावीर कॉलोनी की रहने वाली लक्ष्मी देवी ने अपनी बेटी चंदा कुमारी उर्फ प्रिया की शादी इसी साल अप्रैल महीने में की थी। शादी में उन्होंने तीन लाख कैश के साथ ही बरतन और दूसरा सामान भी दिया था। लेकिन इस सबके बावजूद प्रिया के पति और ससुरालवालों का मन नहीं भरा और वो आये दिन प्रिया को दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते । वहीं प्रिया के पिता आसनसोल के बर्नपुर स्टील प्लांट में एक साधारण कर्मचारी थे। और वर्ष 1992 में ही उनकी मृत्यु हो गयी थी। किसी तरह पति की पेंशन और सिलाई-कढ़ाई करके लक्ष्मी देवी ने अपने बच्चों का लालनपालन किया और इन सबके बाद जो बचाया, उसे प्रिया की शादी पर खर्च कर दिया। इसके बाद भी वो पैसा-पैसा बचाकर आये दिन अपने दामाद की मांगे पूरी कर देती थी। लेकिन प्रिया के ससुरालवालों की मांगे दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही थी। वो प्रिया को पैसा उगलने वाली वाली मशीन समझ रहे थे। जब कभी उनकी दहेज की मांग पूरी नहीं होती, तो वो प्रिया के साथ मारपीट पर उतर आते। हालांकि प्रिया इस उम्मीद के साथ अपने ससुरालवालों के जुल्मोंतिम सहती रहती, कि एक दिन सब ठीक हो जाएगा। इसी बीच एक दिन प्रिथा को उसके ससुरालवलों ने अपने मायके से फ्रिज और वाशिंग मशीन लाने का फ़रमान सुना दिया। जब प्रिया ने अपने मायकेवालों की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर अपने ससुरालवालों की मांगों को पूरा करने में आनाकानी की, तो प्रिया को उसके ससुरालवालों ने बेरहमी से पीटा और अपने घर जाने का अल्टीमेटम दे दिया। यह बात प्रिया ने अपनी मां और भाइयों को बताई। इस पर वो लोग पैसे का इंतजाम करने में जुटे ही थे, कि कुछ ही दिन बाद उन्हें अपनी लाड़ली की मौत की ख़बार मिली। आनन-फ़ानन में प्रिया के भाई और मां प्रिया के ससुराल पहुंचे। प्रिया की लाश देखकर, उन्हें यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं। था कि उनकी बेटी की हत्या की गयी है। प्रिया की मां ने अपनी बेटी की शादी इसलिए अपने पास में ही की थी, कि वो उससे जल्दी जल्दी मिल लिया करेंगी। लेकिन उसके ससुरालवालों ने उसे इतनी दूर भेज दिया है कि अब वो उससे कभी नहीं मिल सकेगी। अब तो बस उन्हें इस बात का इंतजार है कि उनकी बेटी के हत्यारों को भी उनके किये की कड़ी से कड़ी सजा मिल जाये। वहीं मृतका प्रिया के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने उसके ससुरालवलों के खिलाफ़ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और वो जांच में जुटी है, ताकि गुनाहगारों को उनके किथे की सजा मिल सके। लेकिन यह घटना बयां कर रही है कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ़ कड़ा कानून होने के बावजूद कुछ लोग धन की देवी लक्ष्मी के लिए अपने घर की लक्ष्मी की जान लेने से भी नहीं चूक रहे हैं।