रेलवे ट्रैक पर अनाधिकार चढ़ना दंडनीय अपराध
December 13, 2018 • Bishan Gupta

 

रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन आती है , लोगों में अफ़ारा तफ़री मच जाती है। कुछ यात्री सीट लेने के लिए अपनी जान तक जोखिम में डालकर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा भी कुछ यात्री रेलवे ट्रैक को पार करके दूसरी तरफ़ से चढ़ने की कोशिश करते हैं। इस तरह के नज़ारे हर रोज़ रेलवे स्टेशनों पर देखने को मिलते हैं।

अगर आप जल्दबाजी के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालकर अनाधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक को पार कर रहे हैं या रेलवे ट्रैक पर अथवा उसके किनारों पर खड़े हैं, बातचीत कर रहे हैं या फ़िर चलती ट्रेन में चढ-उतर रहे हैं, तो सावधान हो जाइये, यह दंडनीय अपराध है। इसके लिए रेलवे पुलिस आपको गिरफ़्तार कर सकती है, आप पर जुर्माना लगा सकती है। अक्सर लोग जल्दबाजी या लापरवाही के चलते रेलवे के नियमों से खिलवाड़ करते हैं, जिसके चलते उनकी जान भी चली जाती है। ऐसा ही एक हादसा बीते 19 अक्टूबर को हुआ, जब रावण दहन के मौके पर अमृतसर में एक रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत रूप से लोग जमा थे, तो इसी बीच ट्रैक से गुजर रही एक हाईस्पीड ट्रेन की चपेट में आने से 62 लोगों की जान चली गयी, और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। इस हादसे ने जहां पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, वहीं एक बार फ़िर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रेलवे नियमों के प्रति हम कब जगरूक होंगे या फ़िर हर रेल दुर्घटना के लिए रेलवे को ही जिम्मेदार ठहराना कहां तक उचित है? इसी सिलसिले मे जब 'अराइज़ न्यूज़' की टीम ने विभिन्न जगहों पर पड़ताल की, तो कमोवेश वही पुराना नज़ारा देखने को मिला। लोग बिना किसी सतर्कता के रेलवे ट्रैक को पार करते दिखाई दिये। रेलवे ट्रैक पर मोबाइल से बात करते हुए खड़े मिले । चलती ट्रेन में चढ़ते-उतरते दिखाई दिये। इस विषय पर जब हमने आसनसोल मंडल के रेल प्रबंधक पीके मिश्रा से बात की, तो उन्होंने बताया कि आसनसोल में रेलवे की ओर से समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया जाता है, जिसमें लोगों को रेलवे के नियमों की जानकारी दी जाती है। वहीं आरपीएफ के कमांडेंट ए एन झा ने कहा कि रेल विभाग के साथ ही यात्रियों की भी जिम्मेवारी है कि वो सुखद यात्रा के लिए सजगता और सतर्कता बरते, ताकि उनके साथ कोई दुर्घटना न हो। साथ ही रेलवे के नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाती है। इस दिशा में आसनसोल रेल मंडल विशेष रूप से काम कर रहा है। वर्ष 2016 के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे ट्रैक पर चलते या बातचीत करते 370 लोगों को गिरफ्तार किया तथा 366 लोगों से 1.87 लाख रूपये जुर्माने के रूप में वसूले गये। वर्ष 2017 के दौरान 769 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा 761 लोगों से 3.86 लाख रूपये जुर्माने के तौर पर वसूले गये। चालू वर्ष में सितम्बर, 2018 तक 627 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा 626 लोगों से 3.32 लख रूपये जुर्माने के रूप में वसूले गये। आसनसोल मंडल के डीआरएम पीके मिश्रा ने कहा कि हमारी यह मंशा कतई नहीं है। कि हम लोगों से जुर्माना वसूलें । हम लोगों में जागरूकता फैलाना चाहते हैं, जिससे कि वो अनाधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक को पार न करें, ट्रैक पर था उसके आसपास न जायें । यह रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 के अन्तर्गत दंडनीय अपराध है।