हरियाणा में होगा बीजेपी बनाम महागठबंधन?
July 18, 2019 • Bishan Gupta

 

लोकसभा चुनाव में बुरी तरह पिटने के बाद हरियाणा में विपक्षी पार्टियों में खलबली मची हुई है। उन्हें चिंता सता रही है कि अगर विपक्ष इसी तरह बिख़रा रहा, तो राज्य में अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी लोकसभा चुनाव जैसे ही नतीजे आएंगे और एक बार फ़िर उन्हें हरियाणा की सत्ता से बाहर होना पड़ेगा। इस सुगबुगाहट को हवा दी है इनेलो नेता कर्ण सिंह चौटाला ने। उन्होंने कहा है कि राज्य में भाजपा को हराने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना पड़ेगा और महागठबंधन बनाना पड़ेगा, तभी भाजपा को राज्य की सत्ता में वापस आने से रोका जा सकता है। कर्ण सिंह चौटाला का कहना है कि उनकी पार्टी की ओर से इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिये गये हैं और जल्द ही इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि यह समय का तकाजा है कि हरियाणा में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए सभी दलों को एक छतरी के नीचे आना होगा। कर्ण सिंह चौटाला इनेलो से वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के पोते भी हैं। कई बड़े नेताओं ने राज्य में भाजपा विरोधी मोर्चे को लेकर प्रतिक्रिया दी है, इसलिए उनके बयान को हल्के में नहीं लिया जा सकता उधर कर्ण सिंह चौटाला के बयान पर राज्य भर में चर्चा शुरू हो गयी है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से जब राज्य में भाजपा के विरोध में महागठबंधन की संभावना के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस बारे में कोई सीधा उत्तर नहीं दिया। राज्य में भाजपा के विरोधी महागठबंधन पर हुड्डा ने कहा कि 'तेल देखो । और तेल की धार देखो' यानी समय का इंतजार करो। चौटाला परिवार और हुड्डा परिवार के बीच बढ़ती नजदीकियों पर जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि चौटाला साहब और उनके बीच राजनैतिक मतभेद हैं, लेकिन दोनों के पारिवारिक रिश्ते घनिष्ठ हैं। चौटाला साहब के बच्चे उनके बच्चे हैं और उनके बच्चे चौटाला साहब के। कांग्रेस नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के इस बयान का सीधा अर्थ इस बात से लगाया जा रहा है कि राज्य में महागठबंधन को लेकर जरूर कोई खिचड़ी पक रही है। भाजपा नेत्री और उचाना से विधायक प्रेमलता का कहना है कि लोकसभा चुनाव को लेकर भी देश-प्रदेश में महागठबंधन बने, लेकिन उनका क्या हश्र हुआ, सभी ने देखा। अगर राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कोई महागठबंधन बनता है, तो उसका हश्र भी वही होगा, जो उत्तर प्रदेश में महागठबंधन का हुआ।

उधर भाजपा ने जिस तरह राज्य में एक के बाद एक चुनाव में विजय हासिल की है, इससे उसके हौसले बुलंद हैं और उसे उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी जनता उसे प्रचंड जनादेश देगी और विपक्ष को एक बार फ़िर से मुंह की खानी पड़ेगी।