कोयले का काला कारोबार
March 17, 2020 • Bishan Gupta

रिपोर्ट - पवन मोदी 

कोयलांचल में इन दिनों कोयले का काला कारोबार जमकर फ़ल फूल रहा है। सरकार बदलते ही पुलिस प्रशासन में जहां तबादलों का दौर जारी है, वहीं कोल माफ़िया इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं और क्षेत्र में रोज हजारों टन कोयले का अवैध उत्खनन हो रहा है। इससे जहां कोल कम्पनियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, वहीं देश के राजस्व को भारी चपत लग रही है। हालांकि इसे रोकने के लिए पुलिस ने अलग से एक टास्क फोर्स बना रखी है, जो उन क्षेत्रों में नज़र रखती हैं, जहां से कोयला का उत्खनन और तस्करी होती है। इसके साथ ही सीआईएसएफ़ और कोल कम्पनियों के सुरक्षाकर्मी  भी क्षेत्र में लगातार पैट्रोलिंग गश्त करते रहते हैं । लेकिन इसके बाबजूद सेटिंग- गैटिंग के फ़ॉर्मूले के चलते कोयला माफ़िया बड़े पैमाने पर कोयले की तस्करी करने में सफल हो रहे हैं। इस बंदरबांट में पुलिस प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि, बीसीसीएल, ईसीएल के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही समाज का पहरेदार कहे जाने वाला मीडिया का एक बड़ा वर्ग भी इस लूटतंत्र में भागीदार है। कई बार हो-हल्ला होने पर कोल कम्पनियों द्वारा उत्खनन वाले क्षेत्रों में भराई करवा दी जाती है, लेकिन जैसे ही मामला दबता है, तो कोल माफ़िया सक्रिय हो जाते हैं और उन्हें खोलकर फ़िर से कोयले के अवैध उत्खनन में जुट जाते है।

कोयले की लूट और तस्करी के इस भ्रष्टाचार में कोयला माफ़िया के तार कितने गहरे तक जुड़े हुए हैं इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है, कि जब भी बड़े स्तर पर प्रशासन की छापेमारी होती है, तो कोल माफ़िया को इसकी खबर पहले से ही लग जाती है और ईमानदार अफ़सरों के सारे किये कराये पर पानी फ़िर जाता है।

कोयले के अवैध उत्खनन और तस्करी का सबसे बड़ा केन्द्र है कोयलांचल की राजधानी कहा जाने वाला धनबाद। इस शहर में कोल माफ़िया किस कदर सक्रिय हैं , इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कोयले की अवैध उत्खनन और तस्करी में क्षेत्रवार कई संगठित गैंग लगे हुए हैं, जिसके चलते यहां आये दिन शूटआउट होते रहते हैं, जो प्रशासन के लिए अलग से एक सिरदर्द है। कोल माफ़िया बंद पड़ी असुरक्षित कोलयरियों से कोयले का अवैध रूप से उत्खनन करते हैं , इसमें स्थानीय प्रशासन से लेकर नेता, बीसीसीएल, सीआईएसएफ़ और ईसीएल के अधिकारियों के साथ ही मीडिया की भी हिस्सेदारी होती है। जिसका जितना बजन होता है, कोल माफ़िया उसे उतना ही टुकड़ा डालकर सेट कर लेता है, और इस तरह उसका अवैध धंधा धड़ल्ले से जारी रहता है। आला अधिकारियों की ओर से जब कभी कोल माफ़िया के ठिकानों पर छापेमारी का दबाव पड़ता है, तो स्थानीय स्तर के अधिकारी छापेमारी का दिखावा करके, पूरे मामले को अपने स्तर से निपटा देते है। अवैध उत्खनन का यह कोयला साइकिलों, स्कूटरों , बाइकों और दूसरे वाहनों पर लादकर निरसा थाना क्षेत्र के बारबिंदिया घाट एवं बैजरा घाट होते हुए जामताड़ा क्षेत्र में नारों पर लादकर भेजा जाता है, जहां कोलयरी की जमीन अतिक्रमण करके अवैध रूप से लगे दजर्नो भट्टे चोरी के इस कोयले से गुलज़ार हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कालूबथान ओपी क्षेत्र से यह अवैध कोयला छागलिया घाट, अंसलिया घाट, उरमा घाट आदि घाटों से नावों में लादकर पश्चिम बांगाल के पुरुलिया, नेतुरिया और चिलियामा भेजा जाता है, जहां के भट्टों में इस कोयले को खपाया जाता है। कोयले के अवैध उत्खनन और तस्करी के इस धंधे में परुषों, महिलाओं के अलावा युवा और बच्चे भी लगे हुए हैं। करीब 5 हजार लोग इस अवैध धंधे में लगे हुए हैं । कोल माफ़िया के इस नेटवर्क के जरिए रोज हजारों टन कोयले की तस्करी होती है। चर्चा है कि इस काम के लिए हर एक को 400 से 500 रुपये के बीच मिलते हैं। लेकिन पैसे का लालच कहें या मजबूरी, जान के खतरे को जानते हुए भी ,जहां मासूम बच्चे कोल माफिया के इशारों पर नाचने को मजबूर हैं, वहीं पढ़े लिखे युवा अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

धनबाद के वतर्मान एसएसपी किशोर कौशल कोयला तस्करों के लिए सिंघम बनकर उभरे हैं। वो कोयला तस्करों और अवैध रुप से कोयला बेच रहे कारोबारियों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रहे हैं । कोयला तस्करों के लिए स्वर्ग कहे जाने वाले बाघमारा, बरवाअड्डा, निरसा ,बलियापुर, तिसरा थाना क्षेत्र, अलकडीह पंचेत और कालूबथान आदि क्षेत्रों में लगातार छापेमारी करके उन्होंने कोयला तस्करों और इस अवैध धंधे से जुड़े अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मीडियाकमियों के गठजोड़ को तोड़ने की कोशिश की है। पिछले कुछ दिनों में कोयले की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े दर्जनों  लोगों के खिलाफ केस किया गया, जिनमें कई लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजागया। कुछ व्यक्तियों ने प्रशासन के भय से कोर्ट में सरेंडर किया, तो कुछ के खिलाफ़ कुर्की का आदेश जारी हुआ। इस दौरान हज़ारों टन कोयला जब्त किया गया। साइकिलें, स्कूटर, बाइके जब्त की गयी, जिन पर लादकर कोयला एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता था। पिछले कुछ महीनों में उनके नेतृत्व में लगातार छापेमारी से जहां कोयला तस्कर सकते में हैं, वहीं इस धंधे से जुड़े नेता, बीसीसीएल, सीआईएसएफ़ एवं ईसीएल के अधिकारी, पुलिसकर्मी और मीडिया के लोग हैरान - परेशान हैं। हो भी क्यों ना, आखिर उनके हाथ से कोयले की काली कमाई जो निकल रही है। उधर क्षेत्र के सिविल सोसायटी के लोगों ने एसएसपी और उनकी टीम की खुले दिल से प्रशंसा की है।

 किशोर कौशल, एसएसपी धनबाद

कोल माफ़िया के खिलाफ़ लगातार कार्रवाही से उन्हें यह स्पष्ट संकेत मिल चुका है कि वो सुधर  जायें , नहीं तो जेल जाने के लिए तैयार रहें।

अमित रेनू, एसपी ग्रामीण, धनबाद

कोयला चोरों और तस्करों को मैं साफ तौर पर चेतावनी देता हं कि  वो जेल जाने के लिए तैयार रहें। जैसे ही हमें अपने स्रोत से सूचना मिलेगी, हम तुरंत ही उन पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।

विजय कुमार कुशवाह , एसडीपीओ, निरसा

ईसीएल सिक्योरिटी के सहयोग से हमारे द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाता है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही  की जाती है। आमतौर पर देखा जाता है कि कोयले के अवैध उत्खनन में स्थानीय नेताओं की भी मिलीमगत रहती है, जिस पर हम लगातार नजर बनाये हुए हैं।

विभाष चन्द्र सिंह, महाप्रबंधक, ईसीएल मुग्मा एरिया

प्रशासन और सीआईएसएफ के सहयोग से अवैध उत्खनन खदान को लगातार भरा जा रहा है। ईसीएल सिक्योरिटी टीम जी कोयला चोरी रोकने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इसके लिए उन्हें कई बार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनका काम काफ़ी सराहनीय है।

मेजर राजा पॉल, डिप्टी चीफ़ ऑफ़ सिक्योरिटी

वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल के निर्देशानुसार निरसा क्षेत्र के एसडीपीओ विजय कुशवाह के नेतृत्व में कोयला चोरी और तस्करी के विरुद्ध छापेमारी से कोल माफिया में डर का माहौल है। पुलिस के साथ ईसीएल सिक्योरिटी टीम का अच्छा समन्वय है

बलदेव यादव, ईसीएल सिक्योरिटी इंचार्ज

अवैध उत्खनन स्थलों की भराई का काम लगातार जारी है. इसमें स्थानीय पलिस और सीआईएसएफ का भी  पूरा सहयोग मिल रहा है। अवैध उत्खनन के खिलाफ़ हमारा अभियान लगातार गति में  रहेगा, जब तक हम अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर लेते।

बीएन सिंह, ओपी प्रभारी , गल्फ़रबाड़ी

पुलिस बल, ईसीएल सिक्योरिटी और सीआईएसएफ मिलकर कोयला चोरी और तस्करी के विरुद्ध अभियान छेड़े हुए है, जिसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आये है। इस अभियान में भारी मात्रा में अवैध कोयले की बरामदगी हुई है।